बुधवार, 4 मार्च 2009

भू-अर्जन अधिकारी

जिला मुख्यालय में नियुक्त होते हैं
भू-अर्जन अधिकारी
पर वे कुछ नहीं कर सकते
हर मोहल्ले में मौजूद
भू-अर्जन अधिकारी के सामने

मोहल्ले में मौजूद भू-अर्जन अधिकारी
भी कुछ नहीं करते
सब कुछ करते हैं उनके कर्मचारी ही

चुनते हैं एक अच्छी सी जगह
लगा दिया जाता है रातोंरात
भू-अर्जन अधिकारी का आसन
भू-अर्जन अधिकारी का पहचान पत्र
फहरा दिया जाता है
पास खड़े पीपल पर
शुरू हो जाता है गौरवगान
भू-अर्जन अधिकारी के सामर्थ्य का शौर्य
गूंजने लगता है चारों दिशाओं में

कुछ ही दिनों में कार्यालय
तैयार हो गया है पूरी तरह
नियमानुसार मंगल-शनीचर
होने लगी हैं
जन-सुनवाई और कार्यालयीन बैठकें

जगह कम है कार्यालय में
और लोगों की भीड़ बढती ही जाती है
लोगों की सुविधा के लिए
कार्यालय के सामने के मैदान में
होने लगी हैं कार्यालयीन गतिविधियाँ
कुछ दिन बाद सुरक्षा के मद्देनज़र
घेर दिया गया है मैदान को
कंटीली तारों से

भू-अर्जन अधिकारी को
अब नहीं है कोई कष्ट
उनके कर्मचारी कर रहे हैं
निश्चिंत होकर अपना काम
अपने माथे पर
भू-अर्जन अधिकारी की
सिन्दूरी चरण-रज लेकर

भू-अर्जन अधिकारी ने
कर ली है
भूमि अर्जित.

3 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. भू-अर्जन अधिकारी को
    अब नहीं है कोई कष्ट
    उनके कर्मचारी कर रहे हैं
    निश्चिंत होकर अपना काम
    अपने माथे पर
    भू-अर्जन अधिकारी की
    सिन्दूरी चरण-रज लेकर

    भू-अर्जन अधिकारी ने
    कर ली है
    भूमि अर्जित. ....accha vyang kiya hai ashil ji....! bhot khoob....!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. vaah! sahil bhai bahut naye andaz me aapane likha hai.
    bahut badhai.

    उत्तर देंहटाएं

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.