सोमवार, 20 अप्रैल 2009

रेख्ता के उस्ताद...

साथियों,
आज से एक और नए ब्लॉग की शुरुआत की है, उम्मीद है कि आपको भी पसंद आएगा।
जिन्हें अक्सर बार-बार पढ़ता हूँ उन रचनाओं को आपसे साझा करने का प्रयास है। यह ब्लॉग उन रचनाकारों को समर्पित है जो मुझे हर समय प्रासंगिक लगे हैं और जिन्हें पढ़ते हुए मैंने ख़ुद को कुरेदना सीखा है।

इसी पेज पर आपको इस नए ब्लॉग का लिंक भी उपलब्ध है.....
"रेख्ता के तुम ही उस्ताद नहीं हो..."

उम्मीद है आपको यह प्रयास पसंद आएगा।

1 टिप्पणी:

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