मंगलवार, 1 जनवरी 2013

ताकि जब चाहें वे चुन सकें फूल

बार-बार लिखता हूँ और डिलीट कर देता हूँ। क्योंकि बात एक नहीं कई हैं जो दिलो दिमाग में घुमड़ रही हैं।  क्योंकि बात सिर्फ एक दामिनी की या एक शहर और उसके प्रशासन व समाज व्यवस्था की नहीं है। रोज़ देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग अख़बारों में न जाने कितनी ही दामिनियों का ज़िक्र होता रहा है और अब भी जारी है, जो इस इंतजार में हैं कि उन्हें वह मिले जिसे देने की ज़िम्मेदारी समाज और सरकार दोनों पर है, नैतिक भी और संवैधानिक भी। यानी बराबरी का अधिकार, स्वतंत्रता और शोषण मुक्त समाज।....
      समाज, जो अब तक पितृ सत्तात्मक सोच से मुक्त नहीं हो पाया।... सरकार, प्रशासन और तथाकथित राजनीति, जिसकी मंशा पर एक प्रश्न खड़ा करते ही पचास प्रश्न अपने-आप खड़े हो जाते हैं।... और फिर हम खुद, जो अच्छी-अच्छी बातों को बस नारा बनाकर दोहराने के आदी हो गए हैं। मणिपुर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम, देश के किस हिस्से से यह दामिनी सामने आकर खड़ी नहीं हुई?
     बार-बार लिखता हूँ और डिलीट कर देता हूँ। क्योंकि बहुत कुछ एक साथ और तरतीब से लिखने लायक शांत दिमाग फ़िलहाल मुझमे नहीं है। बस बहुत साल पहले लिखी एक कविता और कुछ अरसा पहले ही बनाया गया एक अधूरा चित्र बार-बार याद आ रहा है-


मैंने कहा
बहार आई है
उन्होंने कहा
ख़ुशगवार है

मैंने कहा
नयी कोपलें फूटी हैं
उन्होंने कहा
कितनी कोमल हैं

मैंने कहा
पौधों पर
हरियाली छा रही है
उन्होंने कहा
कितनी मनमोहक है

मैंने कहा
फूल खिल रहे हैं
उन्होंने कहा
कितनी सुंदर पंखुड़ियाँ हैं

मैंने कहा
फूलों की सुरक्षा के लिए
उग आए हैं काँटे भी
उन्होंने कहा
काँटे नष्ट कर दो

फिर उन्होंने तान दिये
फूलों के चारों ओर
कंटीले तार
ताकि जब चाहें
वे चुन सकें फूल।

1 टिप्पणी:

  1. दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए,
    मुट्ठी में बंद कुछ रेत-कण,
    ज्यों कहीं फिसल गए।
    कुछ आनंद, उमंग,उल्लास तो
    कुछ आकुल,विकल गए।
    दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए।।
    शुभकामनाये और मंगलमय नववर्ष की दुआ !
    इस उम्मीद और आशा के साथ कि

    ऐसा होवे नए साल में,
    मिले न काला कहीं दाल में,
    जंगलराज ख़त्म हो जाए,
    गद्हे न घूमें शेर खाल में।

    दीप प्रज्वलित हो बुद्धि-ज्ञान का,
    प्राबल्य विनाश हो अभिमान का,
    बैठा न हो उलूक डाल-ड़ाल में,
    ऐसा होवे नए साल में।

    Wishing you all a very Happy & Prosperous New Year.

    May the year ahead be filled Good Health, Happiness and Peace !!!

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